जिंदगी की हकीकत

 कुछ खट्टे मीठे पलो मे निकल गई मासूमियत

कुछ समझ नासमझी में निकल गई हकीकत

आखिरी सांस तक जो साथ दे तुम्हारा 

बस वही है सही बाकी सब तुम्हारी किस्मत

कुछ सही तो कुछ गलत के फासले

कुछ ना कहने के हौसले फिर भी चुप न रहने के वास्ते 

न जानें कहां खो गई वो खामोशी की आहट

कुछ खट्टे मीठे पलो मैं निकल गई मासूमियत ।








Comments

sunitajayaksh

बस यूं ही

Khawaab

दोस्ती के नाम